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दिल्ली लाडली योजना: बालिका सशक्तिकरण और शिक्षा के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका
दिल्ली लाडली योजना, जिसे 2008 में शुरू किया गया था, का उद्देश्य जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता के माध्यम से दिल्ली में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाना था। यद्यपि 31 मार्च, 2026 से नए आवेदनों के लिए बंद कर दिया गया है, इसने लड़कियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की।
⚡ योजना त्वरित सारांश (Quick Summary)
| क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | दिल्ली लाडली योजना |
| लाभ राशि | सावधि जमा के रूप में वित्तीय सहायता: संस्थागत जन्म के लिए ₹11,000, घर पर जन्म के लिए ₹10,000। इसके अतिरिक्त, कक्षा 1, कक्षा 6, कक्षा 9 में प्रवेश पर, कक्षा 10 उत्तीर्ण करने पर और कक्षा 12 में प्रवेश पर प्रत्येक ₹5,000। कुल राशि 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने और कक्षा 10/12 उत्तीर्ण करने पर ब्याज सहित लगभग ₹1,00,000 या अधिक हो जाती है। |
| मूल निवास राज्य | दिल्ली |
| नोडल विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली सरकार |
| पात्रता | 1 जनवरी, 2008 को या उसके बाद दिल्ली में जन्मी बालिका; माता-पिता दिल्ली के कम से कम तीन साल से निवासी हों; वार्षिक पारिवारिक आय ₹1,00,000 से अधिक न हो; प्रति परिवार अधिकतम दो जीवित बालिकाएं; स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाली लड़कियों के लिए, दिल्ली में सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में नामांकन अनिवार्य है। |
| अंतिम तिथि | 31 मार्च, 2026 से नए आवेदनों के लिए बंद। |
| आधिकारिक वेबसाइट लिंक | ई-डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पोर्टल, महिला एवं बाल विकास विभाग, दिल्ली |
दिल्ली लाडली योजना (मौजूदा लाभार्थियों के लिए, क्योंकि नए आवेदन बंद हैं) के लिए पात्र होने के लिए:
- निवास: बालिका और उसके माता-पिता आवेदन की तिथि से कम से कम तीन साल पहले दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वास्तविक निवासी होने चाहिए।
- दिल्ली में जन्म: बालिका का जन्म दिल्ली में हुआ होना चाहिए, जो रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु), एमसीडी/एनडीएमसी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र द्वारा सत्यापित हो।
- पारिवारिक आय: बालिका के माता-पिता की वार्षिक पारिवारिक आय सभी स्रोतों से ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- बालिका सीमा: इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रति परिवार अधिकतम दो जीवित बालिकाओं तक सीमित थी।
- स्कूल में नामांकन (स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए): यदि लड़की स्कूल जाती है, तो उसे दिल्ली में एक सरकारी, एमसीडी, एनडीएमसी, या किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में नामांकित होना चाहिए।
- आयु सीमा: नवजात लड़कियों के लिए, जन्म के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होता था। स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए, कक्षा 1, 6, 9, या 12 में प्रवेश के 90 दिनों के भीतर, या कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद।
पात्रता मानदंड की जाँच करें
आवेदकों (मौजूदा लाभार्थियों या परिपक्वता दावों के लिए) को आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- रजिस्ट्रार (जन्म और मृत्यु), एमसीडी/एनडीएमसी द्वारा जारी बालिका का जन्म प्रमाण पत्र।
- आवेदक/माता-पिता का निवास प्रमाण पत्र, जो दिल्ली में कम से कम तीन साल के निवास को साबित करता हो (जैसे राशन कार्ड, वोटर आईडी, आधार कार्ड, या कोई अन्य वैध पहचान प्रमाण)।
- बालिका और माता-पिता के आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित प्रति (यदि उपलब्ध हो)।
- आय प्रमाण पत्र या हलफनामा जिसमें वार्षिक पारिवारिक आय ₹1,00,000 से अधिक न हो।
- बालिका के साथ माता-पिता की संयुक्त तस्वीर।
- स्कूल प्रवेश प्रमाण पत्र/नामांकन प्रमाण पत्र (स्कूल-स्तरीय लाभों के लिए)।
- बालिका की बैंक पासबुक (माता-पिता के साथ संयुक्त खाता स्वीकार्य है)।
- आवेदक का स्व-घोषणा पत्र (यदि आवश्यक हो)।
- जाति प्रमाण पत्र (एससी/एसटी/ओबीसी के मामले में, यदि लागू हो)।
- एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस से प्राप्त पावती पत्र (परिपक्वता दावों के लिए)।
नोट: ऑनलाइन पंजीकरण से पहले, सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेजों का आकार और प्रारूप उचित हो। [फोटो रीसाइज़र टूल से दस्तावेज़ों का आकार बदलें](/tools/photo-signature-resizer)
